Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
जब माठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में होती है, तो शिशॠशà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में उतर जाता है, जहाठशिशॠविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अति संवेदनशील नसों में टकरा सकता है। यह माठके पैरों के साथ-साथ योनि में à¤à¥€ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ पैदा करता है । हाà¤, इस अवधि के दौरान माठअलग और नठअनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚ से गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤‚गी। बचà¥à¤šà¤¾ कà¤à¥€ à¤à¥€ पैदा हो सकता है और इसलिठइस समय में माठको ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम करना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38 वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में आपके बचà¥à¤šà¥‡ का विकास
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के दौरान, बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत बनेगी और उसकी पकड़ à¤à¥€ मजबूत हो जाà¤à¤—ी। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद जब आप पहली बार बचà¥à¤šà¥‡ का हाथ पकड़ेंगी तब आपको इसका अनà¥à¤à¤µ होगा। इस सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक बचà¥à¤šà¥‡ के सà¤à¥€ अंग पूरी तरह से विकसित हो जाà¤à¤‚गे और वह गरà¥à¤ के बाहर के जीवन का अनà¥à¤à¤µ करने के लिठतैयार हो जाà¤à¤—ा। बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर से लैनà¥à¤—ो और वरà¥à¤¨à¤¿à¤•à¥à¤¸ का आवरण निकलता रहेगा। बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤®à¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ à¤à¥€ निगलेगा। यह जाकर बचà¥à¤šà¥‡ की आंत में जमा हो जाà¤à¤—ा। आंत में पितà¥à¤¤, मरी हà¥à¤ˆ कोशिकाà¤à¤‚ और अनà¥à¤¯ मल à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ होंगे। बचà¥à¤šà¥‡ की आंत में मौजूद यह सब, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद उसका पहला मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— के रूप में निकलता है । 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के दौरान के अनà¥à¤¯ परिवरà¥à¤¤à¤¨ मामूली होते है लेकिन वह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हैं। बचà¥à¤šà¥‡ का मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤•, साथ ही साथ उसकी तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤°, और विकसित होती रहेगी।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में आपके बचà¥à¤šà¥‡ का विकास
आप बचà¥à¤šà¥‡ की आंखों के रंग के बारे में सोच रही हैं? यदि बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥‚रे रंग की आà¤à¤–ों वाला पैदा हà¥à¤† है, तो आगे चलकर à¤à¥€ उसकी आà¤à¤– का रंग समान रहने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। यदि बचà¥à¤šà¤¾ गहरे नीले या सà¥à¤Ÿà¥€à¤² गà¥à¤°à¥‡ रंग की आà¤à¤–ों के साथ पैदा हà¥à¤† है, तो संà¤à¤µ है कि 9 वें महीने तक उसकी आà¤à¤– का रंग नीला या गà¥à¤°à¥‡ या हरे या à¤à¥‚रे रंग में बदल जाà¤à¥¤ यह मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से इसलिठहोता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जनà¥à¤® के बाद पहले कà¥à¤› महीनों के à¤à¥€à¤¤à¤° शिशॠकी आà¤à¤– की पà¥à¤¤à¤²à¥€ कà¥à¤› रंग पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर लेती है। यह रंग ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° गहरा हो जाता है, लेकिन हलà¥à¤•ा नहीं पड़ता ।
बचà¥à¤šà¥‡ का आकार कà¥à¤¯à¤¾ है?
शिशॠकी लंबाई की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ गंधना (हरी पà¥à¤¯à¤¾à¤œ) की लंबाई से की जा सकती है। 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में शिशॠकी लंबाई 19.5 इंच से अधिक होगी और उसका वजन लगà¤à¤— 3 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® होगा।
सामानà¥à¤¯ शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨
38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के दौरान, विलोपन और गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के फैलने जैसे शरीर में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आख़िरी पड़ाव पर पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ का संकेत देते हैं। इन परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में से कà¥à¤› को माठदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ महसूस किया जा सकता है, जैसे कि शिशॠका शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में उतरने का अहसास। शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में बढ़ते दबाव और साà¤à¤¸ के फूलने में कमी के कारण इसे पहचाना जा सकता है। माठके सà¥à¤¤à¤¨ से रिसाव à¤à¥€ हो सकता है। कोलसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® नामक à¤à¤• पीले रंग का तरल सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है, जिसमें काफी मातà¥à¤°à¤¾ में रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ारक मौजूद होते हैं और इसमें शरà¥à¤•रा और वसा बहà¥à¤¤ कम होता है। सà¤à¥€ माताओं को इसका अनà¥à¤à¤µ नहीं होता है। यह नवदà¥à¤—à¥à¤§ नवजात शिशॠकी रकà¥à¤·à¤¾ करता है, और शिशॠके जनà¥à¤® के बाद माठके दूध के साथ à¤à¥€ सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के लकà¥à¤·à¤£
बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨
माठको पेट में à¤à¤‚ठन या कसाव का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है जिसे बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ कहा जाता है। यदि यह दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• संकà¥à¤šà¤¨ माठदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बदलने पर गायब हो जाते हैं, तो यह अà¤à¥€ à¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ या अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ ही हैं।
नींद में दिकà¥à¤•त
माताओं को रात में या तो दरà¥à¤¦ के कारण या चिंता के कारण रात में बेचैनी हो सकती है जिससे वह आराम से सो à¤à¥€ नहीं सकती ।
योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ में वृदà¥à¤§à¤¿
योनि सà¥à¤°à¤¾à¤µ में वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है, जो शà¥à¤²à¥‡à¤® जैसा, गाढ़ा पदारà¥à¤¥ होता है जिसे शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ अवरोधक कहा जाता है। इस शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤®à¤¾ अवरोधक की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पूरी तरह से सामानà¥à¤¯ है। सà¥à¤°à¤¾à¤µ में यह वृदà¥à¤§à¤¿ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के फैलाव के कारण होती है।
पेट में खà¥à¤œà¤²à¥€
माताओं का पेट इस समय बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फैल जाता है, जिससे यह बहà¥à¤¤ संवेदनशील हो जाता है। पेट की तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नम बनाठरखने से आराम मिल सकता है।अनà¥à¤¶à¤‚सा की जाती है कि आप मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल और पानी का सेवन करने की à¤à¥€ सलाह दी जाती है। अगर तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर चकतà¥à¤¤à¥‡ पड़ जाà¤à¤‚ तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
à¤à¥œà¥€ और पैरों में सूजन
इस लकà¥à¤·à¤£ को कम करने के लिठपीठके बल बैठते हà¥à¤ पैरों को लटकाने के बजाठसीधा रखें। नियमित सैर रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बनाठरखकर इस सूजन को कम करेगी।
चिंता
यह गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में काफी आम है। चिंता को कम करने के लिà¤, मन को किसी à¤à¥€ कारà¥à¤¯ में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ रखें, और खà¥à¤¦ को चिंता मà¥à¤•à¥à¤¤ करने के लिठफिलà¥à¤® देखें या दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और परिवार के साथ समय बिताà¤à¤‚।
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महिलामें पà¥à¤°à¤¸à¤µ की जटिल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का अलग-अलग अनà¥à¤à¤µ होता है। कà¥à¤› गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को कषà¥à¤Ÿà¤¦à¤¾à¤¯à¥€ दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है जबकि अनà¥à¤¯ को गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में कसाव का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है। इनमें से किसी à¤à¥€ संकà¥à¤šà¤¨ का अनà¥à¤à¤µ करने से पहले पानी निकल सकता है। जब पà¥à¤°à¤¸à¤µ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है, तो माठको नियमित संकà¥à¤šà¤¨ का अनà¥à¤à¤µ होना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है, जो ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तीवà¥à¤° होने के साथ-साथ लगातार बढ़ते जाते हैं। ये संकà¥à¤šà¤¨ माता के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के ऊपरी à¤à¤¾à¤— से शà¥à¤°à¥‚ होते हैं और à¤à¤• लहर जैसी गति से नीचे की ओर बà¥à¤¤à¥€ हैं। ये संकà¥à¤šà¤¨ शिशॠको नीचे की ओर धकेल देते हैं, माताओं के शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ में, जिससे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पर दबाव पड़ता है। इसलिà¤, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पर ज़ोर पड़ता है और फैल जाती है, ताकि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय शिशॠजनà¥à¤® नलि से बाहर निकल सके।
38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में पà¥à¤°à¤¸à¤µ वेदना पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤§à¤¿ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ या गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं जैसी जटिल समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के दौरान पà¥à¤°à¤¸à¤µ वेदना को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करना à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ आवशà¥à¤¯à¤•ता बन सकती है। रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ होना या जà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾à¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मामले जैसी अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ वेदना को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने की सलाह दे सकते हैं। यह चिंता की कोई बात नहीं है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के दौरान सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से पà¥à¤°à¤¸à¤µ वेदना पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने की अनà¥à¤¶à¤‚सा नहीं की जाती है। à¤à¤¸à¤¾ करने के कà¥à¤› तरीकों को असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माना जाता है। à¤à¤• डॉकà¥à¤Ÿà¤° की राय लेना बेहतर है, और इससे à¤à¥€ बेहतर होगा अगर माठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का समय पूरा होने का इंतजार करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में पेट
38 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट का आकार बहà¥à¤¤ बढ़ जाता है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प गरà¥à¤¦à¤¨ में खिंचाव, पीठमें खिंचाव और थकान महसूस होती है। जैसे-जैसे पेट बढ़ता है, माठका वज़न बढ़ता जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38 वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में पेट
इस समय में कम मातà¥à¤°à¤¾ में लेकिन थोड़ी-थोड़ी देर में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ लेने की सलाह दी जाती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे पाचन तंतà¥à¤° पर दबाव कम होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के दौरान, शिशॠबड़े आकार का हो जाता है, जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प उसे माठके गरà¥à¤ में हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ के लिठकम जगह मिलती है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और विकास के बारे में कोई चिंता है, तो माठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जाà¤à¤š का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨ सकती है। यह बचà¥à¤šà¥‡ के दिल की धड़कन की जाà¤à¤š करता है, और जाà¤à¤šà¤¤à¤¾ है कि हृदय गति सामानà¥à¤¯ सीमा के à¤à¥€à¤¤à¤° है या नहीं।
कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤
38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पोषक ततà¥à¤µ कोलीन शामिल होना चाहिà¤à¥¤ कोलीन दिमागी कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कलाप को बेहतर बनाने में मदद करता है, और न केवल | पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी बà¥à¤°à¥‡à¤¨ | (गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान माठके दिमाग का सिकà¥à¥œà¤¨à¥‡ ) के कारण होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को काबू करने में मददगार होता है, बलà¥à¤•ि यह बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को विकसित करने में à¤à¥€ मदद करता है। कोलीन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं:
पालक
घोंघा
कलेजी
गेहूठके अंकà¥à¤°
अंडे
बà¥à¤°à¤¸à¥‡à¤² सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸
बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली
मूंगफली
मिलà¥à¤• चॉकलेट
इसके अलावा, उचà¥à¤š ऊरà¥à¤œà¤¾ वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का नाशà¥à¤¤à¤¾ करना à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विचार है जो पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठआवशà¥à¤¯à¤• ताकत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करेगा और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शà¥à¤°à¥‚ करने में मदद करेगा। इनमें शामिल हैं :
नटà¥à¤¸
ताजे फल
किशमिश, खà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ और अनà¥à¤¯ मेवे
केले
सिरीअल बार
इस सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना à¤à¥€ जरूरी है, और ताज़े रस की à¤à¤• बोतल अपने साथ रखना बेहतर होगा।
सà¥à¤à¤¾à¤µ और देखà¤à¤¾à¤²
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 38वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में माठके लिठयहाठकà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ और देखà¤à¤¾à¤² संबंधी बताई गई हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ करें
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि संकà¥à¤šà¤¨ नियमित हैं। इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ करने के लिठकि यह बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ तो नहीं हैं, अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बदलकर जाà¤à¤š करें। अगर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बदलने से यह संकà¥à¤šà¤¨ बंद हो जाते हैं तो यह बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ हो सकते हैं।
फà¥à¤°à¤¿à¤œ में खाना रखें ताकि बाहर जाकर खाना लाने की जरूरत न पड़े। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से संबंधित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ें पढ़कर पà¥à¤°à¤¸à¤µ और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठअपने को तैयार करें।
कà¥à¤¯à¤¾ न करें
शराब न पिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बचà¥à¤šà¥‡ में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
किसी à¤à¥€ काम को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे आघात और थकान हो सकती है।
आपके लिठआवशà¥à¤¯à¤• ख़रीददारी
यहाठपर इस दौरान खरीदी जाने वाली वसà¥à¤¤à¥à¤“ं की सूचतन दूध सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥‡à¤œ बैग और à¤à¤• सà¥à¤¤à¤¨-पंप यदि आप उसे इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के बारे में विचार कर रही हैं।
शिशॠके लिठअनिवारà¥à¤¯ चीज़े जैसे कि पालना, नैपी बदलने के लिठटेबल, रॉकर (हिंडोला), शिशॠके लिठबाथटब और बहà¥à¤¤ कà¥à¤›à¥¤
नà¥à¤•ीले किनारों से बचाव के लिठबंपर, और पाà¤à¤¦à¤¾à¤¨ के नीचे नॉन-सà¥à¤²à¤¿à¤ª पैड जैसी बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने वाली आवशà¥à¤¯à¤• वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚। जैसे-जैसे आपका शिशॠबढ़ता हैं, इस सूची में अनà¥à¤¯ समान को à¤à¥€ शामिल करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी।
यातà¥à¤°à¤¾ के दौरान पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किठजाने वाले समान जैसे कि कार की सीट, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥Œà¤²à¤° और बेबी कैरियर।
38वां सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ समय है जब आपको किसी à¤à¥€ कà¥à¤·à¤£ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाने के लिठतैयार होना पड़ सकता है। असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के लिठअपना बैग पैक करना आवशà¥à¤¯à¤• है। मानसिक रूप से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठऔर बचà¥à¤šà¥‡ को गोद लेने के लिठखà¥à¤¦ को तैयार करें।
| --------------------------- | --------------------------- |